Protectionism अर्थात संरक्षणवाद की निति जब कोई राष्ट्र अपनाता है तो वह अपने देश के घरेलु उद्योग को बढ़ावा देना चाहता है| इस निति के तहत वह विदेशों से आयात होने वाले मॉल पर कई तरह के टैक्स लगा देता है जिससे आयात होने वाला मॉल महंगा हो जाता है और देश में उत्पादित मॉल आयातित मॉल के मुकाबले सस्ता हो जाता है|
इस तरह देश के बाजार में घरेलु वस्तुओं के मांग बनी रहती है और देश के उद्योग प्रगति करते हैं|
आयात होने वाले मॉल पर इस निति (संरक्षणवाद) के तहत जो टैक्स लगाया जाता है उसे संरक्षण प्रशुल्क अर्थात (Protective Tariff)कहते हैं|
कई अर्थशास्त्रियों का ऐसा मानना है की इसी निति कारण 1929 के आर्थिक मंदी काफी दिनों तक रही थी|
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