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Saturday, April 17, 2010

SOLAR ORBITAR


हमारे जीवन में उर्जा का प्रमुख स्त्रोत सूर्य सदियों से वज्ञानिकों के लिये एक पहेली रहा है| चुके सूर्य पर अन्तरिक्ष यां उतरना असंभव है इसलिए सूर्य के बिसय में हम बहुत कम जानते हैं|
यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने इस समस्या के संधान के लिए सोलर ऑर्बिटर नमक दो यान बनाये हैं जो 15 इंच मोटी कवच से ढकी हुई होगी और सूर्य की सतह से करीब दो करोड़ मिल के दुरी से उसका चक्कर लगाएगा| यान में लगा उसका मोटा कवच उसे सूर्य के विकिरण और भिसन तापमान से उसके उपकरणों के रक्षा करेगा | 
सोलर ऑर्बिटर सैट करोड़ मिल की दुरी तय करके सूर्य के निकट उस  स्थान तक पहुचने कोशिश करेगा जहाँ पर अब तक पहुचना लगभग नामुमकिन रहा है| फिर वह वहां से सूर्य के ध्रुवों का नजारा, सौर्य पवन, सन स्पोट, था सूर्य से जुड़े कई रहस्यों का खुलासा करेगा|

PROTECTIONISM

Protectionism अर्थात संरक्षणवाद की निति जब कोई  राष्ट्र अपनाता है तो वह अपने देश के घरेलु उद्योग को बढ़ावा देना चाहता है| इस निति के तहत वह विदेशों से आयात होने वाले मॉल पर कई तरह के टैक्स लगा देता है जिससे आयात होने वाला मॉल महंगा हो जाता है और देश में उत्पादित मॉल आयातित मॉल के मुकाबले सस्ता हो जाता है|

इस तरह देश  के बाजार में घरेलु वस्तुओं के मांग बनी रहती है और देश के उद्योग प्रगति करते हैं| 
आयात होने वाले मॉल पर इस निति (संरक्षणवाद) के तहत जो टैक्स लगाया जाता है उसे संरक्षण प्रशुल्क अर्थात (Protective Tariff)कहते हैं|

कई अर्थशास्त्रियों का ऐसा मानना है की इसी निति कारण 1929 के आर्थिक मंदी काफी दिनों तक रही थी|

Friday, April 16, 2010

NATIONAL LANGUAGE OF INDIA

हिंदी इंडिया की  राष्ट्रीय  भाषा  है ऐसा मैं समझता था, पर यह विडंबना ही है की भारत की कोई अपनी राष्ट्र  भाषा नहीं है| यह बात कुछ दिनों पहले गुजरात हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में सुनाया है| 


गुजरात हाई कोर्ट के अनुसार हमारे संविधान में हिंदी को राष्ट्रभाषा  के रूप में स्वीकार करने जैसी कोई अधिसूचना नहीं है| इस पर संसद में काफी बहस के बाद सरकार ने भी संसद में यह स्वीकार किया है की संविधान में राष्ट्रभाषा से सम्बंधित कोई भी प्रावधान नहीं है| सिर्फ संविधान के अनुछेद ३४३ में हिंदी को संघ की राजभाषा  स्वीकार किया गया है.................

NUCLEAR FREE AREA

नुक्लिअर मुक्त छेत्र विश्व का वह  छेत्र है जहाँ नुक्लिअर युक्त हथियार का प्रयोग वर्जित है| इन छेत्रों की पहचान परमाणु सकती सम्पन्न रास्त्रों ने की है| इन छेत्रों के लिए परस्पर सहमती और समझौते किये गए हैं|


उदाहरण के तौर  पर धुरुविया छेत्र, अन्तरिक्ष, समुद्र तल