हिंदी इंडिया की राष्ट्रीय भाषा है ऐसा मैं समझता था, पर यह विडंबना ही है की भारत की कोई अपनी राष्ट्र भाषा नहीं है| यह बात कुछ दिनों पहले गुजरात हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में सुनाया है|
गुजरात हाई कोर्ट के अनुसार हमारे संविधान में हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार करने जैसी कोई अधिसूचना नहीं है| इस पर संसद में काफी बहस के बाद सरकार ने भी संसद में यह स्वीकार किया है की संविधान में राष्ट्रभाषा से सम्बंधित कोई भी प्रावधान नहीं है| सिर्फ संविधान के अनुछेद ३४३ में हिंदी को संघ की राजभाषा स्वीकार किया गया है.................
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