हमारे जीवन में उर्जा का प्रमुख स्त्रोत सूर्य सदियों से वज्ञानिकों के लिये एक पहेली रहा है| चुके सूर्य पर अन्तरिक्ष यां उतरना असंभव है इसलिए सूर्य के बिसय में हम बहुत कम जानते हैं|
यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने इस समस्या के संधान के लिए सोलर ऑर्बिटर नमक दो यान बनाये हैं जो 15 इंच मोटी कवच से ढकी हुई होगी और सूर्य की सतह से करीब दो करोड़ मिल के दुरी से उसका चक्कर लगाएगा| यान में लगा उसका मोटा कवच उसे सूर्य के विकिरण और भिसन तापमान से उसके उपकरणों के रक्षा करेगा |
सोलर ऑर्बिटर सैट करोड़ मिल की दुरी तय करके सूर्य के निकट उस स्थान तक पहुचने कोशिश करेगा जहाँ पर अब तक पहुचना लगभग नामुमकिन रहा है| फिर वह वहां से सूर्य के ध्रुवों का नजारा, सौर्य पवन, सन स्पोट, था सूर्य से जुड़े कई रहस्यों का खुलासा करेगा|

No comments:
Post a Comment